पहले के युग की प्रसन्नता बनाम वर्तमान युग की प्रसन्नता -व्यक्तिगत जीवन, परिवार, समाज और राष्ट्र को समृद्ध बनाने के लिए प्रसन्नचित्त रहना समय की मांग -समग्र व्यापक विश्लेषण
खुलकर हंसना,मुस्कुराना और प्रसन्न रहना चाहिए -मन की प्रसन्नता स्वयं सृजित की हुई दवा के समान है वर्तमान समय की...
