दूसरों के स्वभाव को बदलने की चाह में,
क्यों उलझे रहते हो उनकी हर एक राह में,
पहले झाँककर देखो अपने अंतर्मन के आईने में,
कहीं कमी तो नहीं छिपी तुम्हारे अपने व्यवहार में।
दूसरों को ज्ञान देने से पहले,स्वयं ज्ञानवान बनो,
कटु व्यवहार को त्यागकर,मधुर वाणी की पहचान बनो,
जो गुण तुम दूसरों में चाहते हो,पहले स्वयं अपनाओ,
अपने निर्मल आचरण से,जीवन का सच्चा संदेश फैलाओ
हर इंसान को बदलने की जिद,रिश्तों में दरार लाती है,
अपनी ही श्रेष्ठता की चाह,अपनों को दूर भगाती है,
दूसरों की गलतियाँ गिनने से पहले,खुद का हिसाब करो,
अपने स्वभाव को सँवारकर,जीवन में प्रेम का संचार करो
न उपदेशों से दिल जीतोगे,न अहंकार से सम्मान मिलेगा,
विनम्रता के दीप जलाओगे,तभी प्रेम का प्रतिदान मिलेगा
बदलाव की शुरुआत हमेशा अपने भीतर से करना,
देखना,अपने आचरण से दूसरों को भी नया ज्ञान मिलेगा
दुनियाँ को बदलने से पहले,खुद को बदलना सीखो,
कड़वाहट छोड़कर रिश्तों में मिठास घोलना सीखो,
किशन क़ा स्वभाव दूसरों को चुभता है,सुधारना उचित है
स्वयं को जीतनाँ जीवन की सबसे बड़ी समझदारी है।

