जो वक़्त लौटकर नहीं आता,उसकी याद सताती है,
बीते लम्हों की हर आहट,चुपके से रुलाती है।
क़ल तक जो पल अपने थे,आज ख़्वाब बन जाते हैं,
कुछ चेहरे, कुछ बातें,उम्रभर याद आते हैं।
वो बचपन की शरारतें,वो अपनों का प्यार था,
हर छोटी-सी ख़ुशी में,अपना एक संसार था।
आज दौलत है,शोहरत है, मगर वो दौर नहीं,
सब कुछ पास होकर भी,वो सुकूनदार छोर नहीं।
वक़्त की नदी में कितने अरमान बह गए,
हँसते हुए कुछ चेहरे,यादों में रह गए।
जिन पलों को जीते वक़्त,कभी सँभाला नहीं,
आज उन्हीं पलों के बिना,दिल को उजाला नहीं।
वो शाम की मुलाक़ातें,वो रातों की बातें,
वो बेफ़िक्र-सी हँसी और मोहब्बत की सौग़ातें।
आज कैलेंडर बदलते हैं, तारीख़ें गुज़र जाती हैं,
मगर दिल की किताबों में, यादें ठहर जाती हैं।
इसलिए हर पल को जी लो,कल का इंतज़ार न करना,
अपनों के साथ बिताए लम्हों को बेकार न करना।
किशन गुज़रा हुआ वक़्त फिर कभी लौटकर नहीं आता,
जो दिल के सबसे क़रीब हो,वही सबसे ज़्यादा याद आता

