जो दूसरों के दर्द को अपने दिल में उतार सकता है,
जो पराए आँसुओं को देखकर खुद भी पिघल सकता है,
वही इंसान कहलाने का सच्चा हक़दार है,
जिसके हृदय में करुणा हो,वही इंसानियत का आधार है।
किसी की पीड़ा पर जिसका हृदय तड़प जाता है,
किसी के उदास चेहरे पर जो मुस्कान सजाता है,
वह दौलत से नहीं,अपने संस्कारों से महान होता है,
दूसरों के दुख में जो साथ दे,वही सच्चा इंसान होता है।
न ऊँचे पद से,न धन के अंबार से पहचान होती है,
इंसान की असली कीमत उसके व्यवहार से होती है,
जो दुख में थाम ले हाथ, वही रिश्तों का मान है,
दूसरों के दर्द को समझना ही मानवता की शान है।
किसी की बुझती आशा में जो उम्मीद जगा देता है,
टूटे हुए हौसलों को जो फिर से खड़ा कर देता है,
वह अपने कर्मों से दुनिया में उजियारा भर जाता है,
दूसरों के घावों पर मरहम रखकर इंसानियत निभाता है।
दर्द बाँटने से घटता है,प्रेम बाँटने से बढ़ता है,
करुणा का दीप जलाने से अँधियारा भी हटता है,
किशन जो दूसरों की तकलीफ़ में अपना दर्द पहचानता है
वही सच्चा इंसान है,जो इंसानियत को ईमान मानता है
