माँगी हुई चीज़ को एक दिन लौटाना पड़ता है,
उधार के सहारे आखिर कब तक जीवन चलता है?
जो अपने दम पर हासिल हो,वही सच्चा सम्मान है,
मेहनत से जो पाया जाए,वही अपनी पहचान है।
माँगकर दौलत पाने से बेहतर,मेहनत से कमाना सीखो,
काँटों भरी राहों पर भी हँसकर आगे बढ़ना सीखो।
किस्मत के दरवाज़े खुलते हैं जब कर्म जगाता है,
पसीने की हर बूँद से इंसान मुकाम पाता है।
इज़्ज़त माँगने से नहीं,अपने आचरण से मिलती है,
सच्चाई की राह पर चलने से पहचान खिलती है।
शब्दों से नहीं,अपने कर्मों से विश्वास कमाना सीखो,
दूसरों की नज़रों में नहीं, अपनी नज़रों में उठना सीखो।
हाथ फैलाकर जीने से बेहतर,हुनर का दीप जलाओ,
अपनी मेहनत की ताकत से जीवन सफल बनाओ।
जो आज पसीना बहाता है,कल इतिहास रचाता है,
आत्मनिर्भर इंसान ही अपने सपनों को सजाता है।
न दौलत माँगो,न शोहरत,अपने कर्मों से कमाओ,
स्वाभिमान की राह चुनकर जीवन का मान बढ़ाओ।
किशन याद रखना,माँगी हुई चीज़ लौटानी पड़ सकती है,
मेहनत से कमाई इज़्ज़त पीढ़ियों तक चमक सकती है।
