चोर को अवसर दोगे तो घर का चैन लुट जाएगा,
झूठ को राह दोगे तो विश्वास टूट जाएगा,
लालच को बढ़ने दोगे तो सुख-चैन रूठ जाएगा,
गलत को अपना मानोगे तो जीवन बिखर जाएगा।
मीठे बोलों के पीछे हर बार अपनापन नहीं होता,
हर मुस्कुराता चेहरा दिल का दर्पण नहीं होता,
जो सामने अपना बनकर विश्वास जीतता जाए,
ज़रूरी नहीं वही संकट में साथ निभाता जाए।
पहचानो इंसान को, केवल बातों से मत बहको,
चेहरे के उजलेपन पर उसके मन को मत परखो,
समय आने पर ही रिश्तों की असली पहचान होती है,
मुश्किल घड़ी में कौन अपना,यही सच्ची पहचान होती है।
विश्वास करो, मगर आँखों पर पट्टी बाँधकर नहीं,
रिश्ते निभाओ, मगर स्वयं को मिटाकर नहीं,
जो सम्मान और सच्चाई से जीवन में साथ चले,
उसी के हाथों अपने विश्वास की डोर थाम चले।
मीठी-मीठी बातें करने वाला हर इंसान अपना नहीं
हर करीब खड़ा व्यक्ति दिल का सच्चा सपना नहीं,
किशन समझदारी यही,पहले परखो,फिर विश्वास करो,
जीवन की बागडोर सोच-समझकर किसी के हाथ धरो।


